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पेटेंट क्या है | पेटेंट कैसे प्राप्त करे?

पेटेंट का नाम आपने कभी न कभी ज़रूर सुना होगा यदि आप जानना चाहते है की पेटेंट क्या है. (What is patent in hindi) पेटेंट किसे कहते हैं. तो इस लेख को शुरू से अंत तक पढ़े अगर आप एक बिज़नेस ओनर है या बिज़नेस करने के बारे सोच रहे है या किसी विषय पर रिसर्च कर रहे है तो यह जानकारी आपके लिए काफी महत्वपूर्ण है।

किसी नए विषय, प्लान, अविष्कार, या बिज़नेस आईडिया, पर उसी का अधिकार होता है जो उसको पहली बार मार्किट में पेश करता है उसी व्यक्ति का सम्पूर्ण मलकियाना हक़ होता है लेकिन उसके लिए पेटेंट करवाना ज़रूरी है पेटेंट उसका नहीं करवाया जा सकता है जिस वस्तु का अविष्कार या आईडिया मार्किट में पहले से हो चूका है।

किसी भी वस्तु का पेटेंट करवाने के बाद किसी दूसरे व्यक्ति या संस्था के द्वारा मौद्रिक लाभ के लिए उसे इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है यह एक व्यवसायिक क्षेत्र का महत्वपूर्ण विषय है इस अधिकार के बारे में सभी व्यापारी और नयी खोज करने वाले व्यक्तियो को ज़रूर पता होना चाहिए यदि आपको नहीं पता है तो ये आर्टिकल पूरा पढ़े पता चल जायेगा।

किसी भी वस्तु खोज या आईडिया का पेटेंट करवाने के बाद उसका ब्रांड वैल्यू बढ़ जाता है उस प्रोडक्ट खोज आईडिया या सेवा का उस व्यक्ति के पास एकाधिकार हो जाता है जिसने उसे पहली बार पब्लिक के सामने प्रकाशित किया है इस लिए किसी भी नई वस्तु पर पेटेंट करना काफी आवश्यक है जिससे किसी दूसरे व्यक्ति के द्वारा बिज़नेस पर्पज के लिए उसे इस्तेमाल न किया जा सके।

पेटेंट क्या है – patent kya hai?

patent kya hai.

पेटेंट एक कानूनी अधिकार है जो व्यक्ति या संस्था को नयी सेवा, प्रकिर्या, वस्तु, अविष्कार, तकनिकी, उत्पाद, डिज़ाइन, के लिए प्रदान की जाती है जिससे कोई दूसरा व्यक्ति इसका नक़ल न कर सके या कोई और इसकी नक़ल करके उत्पाद न कर सके पेटेंट एक ऐसा कानूनी अधिकार है पेटेंट करवाने के बाद स्वामित को एकाधिकार प्राप्त हो जाता है।

कोई भी व्यक्ति या संस्था पेटेंट करवा सकती है बसर्ते वह पहले से पेटेंट नहीं होना चाहिए है पेटेंट करवाने के लिए कुछ मामूली डॉक्यूमेंट लगते है जिसका मैं आगे बात करूँगा सभी दर्ज पेटेंट की लाइफ 20 साल होती है उसके बाद रिन्यूअल करवाना पड़ता है यदि उसी प्रोडक्ट की आगे उत्पाद करते है तो नहीं तो उसे रिजेक्ट भी किया जा सकता है।

बीस साल के बाद यदि आप अपने पेटेंट को रिन्यूअल नहीं करते है तो आपके जगह कोई दूसरा व्यक्ति आपके पेटेंट को रजिस्टर्ड कर सकता है उसके बाद आपका उस पर कोई अधिकार नहीं होगा इसीलिए समय की समाप्ती से कुछ समय पहले रिन्यूअल करवा लेना आवश्यक होता है या तो किसी दूसरे व्यक्ति के द्वारा उसे रजिस्टर्ड कराया जा सकता है।

यदि आपके रजिस्टर्ड पेटेंट को कोई थर्ड पार्टी के द्वारा नक़ल किया जा रहा है बिना आपके किसी परमिशन के तो आप उस पर कानूनी कार्यवाही भी कर सकते है वही आपके द्वारा परमिशन किसी दूसरे व्यक्ति या संस्था को दिया जाता है तो वहा संस्था आपके पेटेंट का इस्तेमाल कर सकती है उसके बदले में आप उसका कुछ प्रतिशत शेयर ले सकते है।

पेटेंट कितने प्रकार के होते है?

अभी बात करते है पेटेंट के प्रकार की तो मैं आपको बता दू पेटेंट मुख्यता दो प्रकार के होते है दोनों के अलग अलग नियम है आइये जानते है।

  • प्रकिर्या पेटेंट (Process Patent)
  • उत्पाद पेटेंट (Production Patent)

प्रकिर्या पेटेंट : प्रकिर्या पेटेंट को आप इस प्रकार से समझ सकते है किसी दूसरे व्यक्ति या संस्था के उत्पाद करने के विधि को नक़ल नहीं किया जा सकता है जो वस्तु उत्पाद विधि किसी कंपनी के द्वारा पहले से पेटेंट प्राप्त कर चुकी है उसके लिए पेटेंट नहीं कर सकते है और उसका नक़ल भी नहीं कर सकते है आपको वही उत्पाद विधि अपनाना है जो मार्किट में नया है।

उत्पाद पेटेंट : उत्पाद पेटेंट आप किसी व्यक्ति या कंपनी के प्रोडक्ट की नक़ल नहीं कर सकते है यानि किसी कंपनी के शेम वस्तु की कॉपी नहीं कर सकते है जैसे वस्तु के आकार, रंग, क्वांटिटी, पैकिंग, नाम, स्वाद, आदि नक़ल नहीं कर सकते है उदाहरण के तौर आप वाशिंग पाउडर को ले सकते है हर पैकेट पर अलग अलग छाप छपा होता है इसके अलावा सभी चीजे अलग होती है।

इन दोनों प्रकार के पेटेंट से आपको ये सीखना चाहिए किसी दूसरे के द्वारा किसी वस्तु सेवा आईडिया या अविष्कार को पहले से पेटेंट किया जा चूका हो तो उसे आप कॉपी नहीं कर सकते है यदि आप करते भी है तो आपके ऊपर कानूनी कार्यवाही हो सकती है इस लिए किसी दूसरे के आईडिया सेवा अबिष्कार वस्तु को कॉपी न करे तो बेहतर होगा।

पेटेंट कैसे प्राप्त करे?

पेटेंट क्या है जानने के बाद अब जानते है पेटेंट के लिए अप्लाई कैसे करते है किसी भी नयी खोज या उत्पाद के लिए पेटेंट करवाना ज़रूरी है पेटेंट आप दो प्रकार से करवा सकते है पहला आप वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन अपने डॉक्यूमेंट सबमिट करके रजिस्ट्रेशन कर सकते है वही ऑफलाइन पेटेंट रजिस्ट्रार कार्यालय जाकर पेटेंट कर सकते है इसके लिए आपको एक फॉर्म मिल जायेगा जिसे आप भरेंगे अपना और संस्था का डॉक्यूमेंट संलग्न करेंगे और अपनी नई खोज का प्रमाण देंगे।

जिससे यह जाहिर हो की यह उत्पाद नया है किसी दूसरे का नक़ल नहीं है यदि वह प्रमाण सही साबित होता है तो आपको पेटेंट प्राप्त हो जायेगा इसकी कुछ मामूली फीस लगती है उसे पे करके पेटेंट प्राप्त कर सकते है चाहे आप ऑनलाइन अप्लाई करे या ऑफलाइन करे आपको फीस देनी ही पड़ेगी।

यदि आपके द्वारा पेटेंट के लिए दिए गए सभी दस्तावेज सही पाए जाते है तो ही आपको पेटेंट मिलेगा नहीं तो आपके फॉर्म को रिजेक्ट भी किया जा सकता है इस लिए सभी सही प्रमाण दे जिससे यह जाहिर होना चाहिए की आपके सेवा खोज वस्तु से लोगो के फयदा हो सकते है और यह मार्किट में नया है ये सभी व्यक्ति के लिए यूज़फूल है तभी आपको पेटेंट मिल सकता है।

और पढ़े.

पेटेंट करवाना क्यों ज़रूरी है?

पेटेंट के बाद आपकी नयी खोज सुरक्षित हो जाती है किसी दूसरे व्यक्ति और संस्था के द्वारा उसका उपयोग नहीं किया जा सकता है।

पेटेंट के बाद किसी दूसरे के द्वारा प्रोडक्ट की नक़ल की जा रही है तो आप उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही कर सकते है।

इस प्रकिर्या से आप अपने प्रोडक्ट की सेल्लिंग बढ़ा सकते है ग्राहकों में ट्रस्ट बिल्ड कर सकते है।

नयी खोज पर आपका पूरा अधिकार हो जाता है।

निष्कर्ष

मुझे आशा है इस लेख से पेटेंट क्या है. पेटेंट के प्रकार कितने होते है और पेटेंट से सम्बंधित अन्य जानकारी लिखी गयी है यह जानकारी पढ़कर आपको पसंद आया होगा उम्मीद है आपके द्वारा खोजी जा रही जानकारी आपको मिल गयी होगी ऐसी ही जानकारी के लिए हमारे ब्लॉग पर बहुत सारे कंटेंट पब्लिश है उसे पढ़कर जानकारी प्राप्त कर सकते है।

यदि इस लेख से जुडी कोई जानकारी आपको न समझ आया हो कोई प्रश्न हो तो आप कमेंट बॉक्स के जरिये पूछ सकते है उसका जवाब आपको अवश्य दिया जायेगा यह लेख पसंद आया हो तो इसे शेयर करे ताकि और लोगो तक यह जानकारी पहुंच सके यदि इस ब्लॉग से जुडी कोई जानकारी आप मुझ तक पहुंचाना है तो हमारे संपर्क पेज से अपने नाम ईमेल आईडी के साथ भेज सकते है।

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