डाउन पेमेंट (Down Payment) क्या है?

अक्सर लोगो को यह जानकारी नहीं होती है की डाउन पेमेंट क्या है. डाउन पेमेंट का मतलब क्या होता है. यदि आप भी डाउन पेमेंट से सम्बंधित जानकारी जानना चाहते है तो आप सही लेख पर आये है इस लेख को शुरू से अंत तक पढ़े।

बचपन से हम लोगो को कई चीजों की खुवाहिश होती है जैसे बाइक कार अच्छा घर और बिज़नेस सेटअप इसके अतिरिक्त भी कई चीजों के सपने होते है लेकिन हमे अपने सपनो को पूरा करने के लिए अधिक पैसो की आवश्यकता होती है।

कई बार हम लोग अपने सपनो को पूरा करने के लिए थोड़ा थोड़ा करके पैसे इकठ्ठा करते है लेकिन जितना ज़रुरत होता है उतना नहीं हो पाता है फिर हम बैंक से मदद मांगते है और बैंक से लोन लेने की बात करते है परन्तु बैंक खरीद राशि के 75% – 90% तक का लोन मुहैया करवाता है।

डाउन पेमेंट क्या है?

down-payment-kya-hai

जब हम किसी वस्तु को खरीदने के लिए जाते है पुरे पैसे न होने की वजह से बैंक से लोन लेते है लेकिन अधिकतर बैंक लोन वस्तु के 80 प्रतिशत तक ही देता है बचा हुआ 20 प्रतिशत पेमेंट आपको अपनी जेब से उसी वक़्त करना होता है जब खरीदारी कर रहे होते है उसी को डाउन पेमेंट (Down Payment) कहते है।

किसी भी वस्तु को खरीदने के लिए डाउन पेमेंट करना ही होता है चाहे हो कार हो घर हो फ़ोन हो बाइक हो या इसके अलावा कोई वस्तु हो कुछ प्रतिशत डाउन पेमेंट करना पड़ता है बाकि बचा हुआ पैसे लोन के माध्यम पेमेंट हो जाता है लेकिन उस लोन को आपको ईएमआई में जमा करना होता है यह इन्सटॉलमेंट किस्तवार, महीनेवॉर, तिमाही, छमाही, या सालाना, भरना होता है।

लोन बैंक या गैर बैंकिंग वित्तीय कम्पनिया (NBFC) से बड़ी आसानी से किसी भी वस्तु पर लोन मुहैया करवाती है फिर ईएमआई के जरिये व्याज के साथ वसूलती है।

डाउन पेमेंट को आप इस प्रकार से समझे मान लीजिये आप एक कार खरीदना चाहते है उसकी कीमत 10 लाख रूपये है अब आप बैंक के पास कार लोन के लिए जाते है तो बैंक आपको केवल 8 लाख रूपये का ही लोन देगा बचा 2 लाख इसे आपको अपने बचत खाते से देना होगा इसी को डाउन पेमेंट बोलते है या तत्काल भुगतान कहते है।

Down payment meaning in hindi.

डाउन पेमेंट का मतलब क्या होता है इसका हिंदी अर्थ अग्रिम भुकतान करना या तत्काल भुकतान करना होता है इस भुकतान को वस्तु का सौदा करते वक़्त किया जाता है बिना इस भुकतान के सौदा नहीं किया जा सकता है।

किसी वस्तु भी वस्तु पर कई बैंक और गैर वित्तीय बैंकिंग कंपनी (NBFC) यानि Non Banking Financial Company के द्वारा बड़ी आसानी से लोन प्राप्त कर सकते है।

अधिक डाउन पेमेंट करने के लाभ।

ज्यादा से ज्यादा डाउन पेमेंट के बहुत सारे लाभ है जिनके बारे अभी हम लोग जानेगे तत्काल भुकतान अपने बजट के हिसाब से किया जा सकता है लेकिन जितने बड़े अमाउंट का डाउन पेमेंट करेंगे उतना लाभ होगा।

तत्काल भुकतान अधिकतर कम्पनीया 20% हरहाल में करवाती है बाकि के बचे पैसे लोन से चुकाती है लेकिन आप चाहे तो इससे अधिक भी डाउन पेमेंट कर सकते है।

डाउन पेमेंट करने के बाद बचे पैसो पर ईएमआई तय की जाती है जो हर महीने बैंक को या जिस वित्तीय कंपनी से लोन हुआ होता है उसे भुकतान किया जाता है अधिक डाउन पेमेंट करने पर कम इन्सटॉलमेंट बनेगे जो आप जल्दी भर पाएंगे।

जितना कम पैसो का लोन होगा उतना कम आपको उस कंपनी को व्याज देना होगा इसके लिए अधिक तत्काल भुकतान करे।

मानसिक क़िस्त का बोझ कम रहेगा कम पैसो की क़िस्त बड़ी आसानी से चली जाती है वही ज्यादा पैसो वाली क़िस्त के लिए काफी व्यवस्था करना होता है इसी प्रकार के कई फायदे होते है अधिक डाउन पेमेंट करने से।

और पढ़े.

डाउन पेमेंट का लोन की अवधि पर क्या असर पड़ता है?

जब किसी वस्तु पर लोन के लिए बैंक में आवेदन करते है तो उसी वक़्त आपको यह बताना होता है कितना डाउन पेमेंट कर रहे है और लोन लिया हुआ पैसा कितने समय पीरियड में लौटाएंगे उसी के हिसाब से मानसिक क़िस्त तय की जाती है यदि आप अधिक समय में लोन चुकाने की बात करेंगे तो अधिक व्याज बैंक चार्ज करेंगा वही कम समय पीरियड में वापस करने पर कम व्याज बैंक को देना होगा।

जिनते अधिक अवधी के लिए लोन कराएँगे उतना अधिक आपको व्याज देना होगा मानसिक क़िस्त बन जाने के बाद आपको हर महीने ईएमआई जमा करनी होगी।

आज आपने क्या सीखा?

इस आर्टिकल में आपको यह जानकारी हो गयी होगी की डाउन पेमेंट क्या है. इसके अलावा भी डाउन पेमेंट सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण टॉपिक को कवर किया है इस लेख को पढ़ने के बाद तत्काल भुकतान का सम्पूर्ण जानकारी आपको प्राप्त हो गया होगा।

यदि आपको इस लेख से जुडा कोई प्रश्न है तो हम से संपर्क बनाकर उसका उत्तर जान सकते है इसके लिए आपको निचे दिए कमेंट बॉक्स विकल्प मिल जायेगा जिसमे आप अपना नाम ईमेल आईडी और प्रश् मेंशन करके मुझे कमेंट कर सकते है उसका आपको बहुत जल्दी उत्तर दे दिया जायेगा।

यह आर्टिकल आपको लाभकारी लगा हो पसंद आया तो शेयर करना न भूले ताकि ऐसी इनफार्मेशन और लोगो तक पहुंच सके और इस लेख से जानकारी हासिल कर सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!