गर्भावस्था और डिलीवरी के बाद महिला के शरीर को विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। इस समय सही खान-पान न केवल माँ के स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है बल्कि बच्चे की सेहत पर भी गहरा असर डालता है। भारतीय परंपरा में सदियों से बाजरे की रोटी घी के साथ खाने की सलाह दी जाती है। यह परंपरा सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं है बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक कारण छिपे हुए हैं।

क्यों जरूरी है डिलीवरी के बाद सही आहार
- डिलीवरी के बाद शरीर कमजोर हो जाता है।
- माँ को पर्याप्त पोषण की आवश्यकता होती है ताकि वह बच्चे को दूध पिला सके।
- शरीर को अंदर से हीलिंग की ज़रूरत होती है।
- इस समय लिया गया आहार लंबे समय तक स्वास्थ्य पर असर डालता है।
बाजरे की रोटी क्यों खास है
बाजरा एक पारंपरिक अनाज है जिसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन, कैल्शियम और मैग्नीशियम प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यह ग्लूटेन-फ्री है और आसानी से पच जाता है।
डिलीवरी के बाद बाजरे की रोटी घी के साथ खाने के फायदे
1. माँ का दूध बढ़ाती है।
डिलीवरी के बाद सबसे बड़ी चिंता होती है कि माँ का दूध पर्याप्त मात्रा में बने।
बाजरे की रोटी में पाए जाने वाले मिनरल्स और घी के अच्छे फैट्स मिलकर दूध की गुणवत्ता और मात्रा बढ़ाते हैं।
2. बढ़ा हुआ वजन कम करने में मदद।
गर्भावस्था में वजन बढ़ना स्वाभाविक है। बाजरे की रोटी में फाइबर अधिक और कैलोरी संतुलित होती है जिससे यह लंबे समय तक पेट भरा रखती है और वजन कम करने में मदद करती है।
3. आसानी से पच जाती है।
डिलीवरी के बाद पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है। बाजरे की रोटी हल्की और आसानी से पचने वाली होती है। इसमें मौजूद फाइबर कब्ज की समस्या को भी दूर करता है।
4. माँ और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद।
- माँ की हड्डियाँ और मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं।
- बच्चे को पेट दर्द की समस्या नहीं होती क्योंकि माँ का दूध पोषक और आसानी से पचने योग्य बनता है।
5. शरीर को ऊर्जा और ताकत देती है।
घी के साथ बाजरे की रोटी खाने से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है। घी में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन्स शरीर को कमजोरी से उबारते हैं।
किन महिलाओं को बचना चाहिए
- जिन्हें ग्लूटेन या अनाज से एलर्जी हो।
- जिन्हें किडनी में स्टोन की समस्या है वे डॉक्टर से सलाह लें।
- यदि किसी को ज्यादा गैस या पेट फूलने की समस्या हो तो शुरुआत में कम मात्रा लें।
निष्कर्ष
डिलीवरी के बाद महिलाओं के लिए बाजरे की रोटी और घी का सेवन एक प्राकृतिक औषधि की तरह काम करता है। यह न सिर्फ माँ का दूध बढ़ाता है बल्कि वजन नियंत्रित करता है पाचन को दुरुस्त करता है और माँ-बच्चे दोनों को स्वस्थ रखता है।
यह जानकारी सामान्य जानकारी के आधार पर दी गई। आप इसका इस्तेमाल करने से पहले किसी डॉक्टर से सलाह जरूर ले तबही इस निस्खे का इस्तेमाल करे।